Wednesday, June 4, 2008

WILL MISS MY FRIENDS....TAKE CARE


एक छोटी सी खुशी आप सभी के नाम -




अभी कुछ महीनों पहले, कहीं भी जाते हुए बस दो चार दोस्तों को इत्तेला देना ज़रूरी समझती थी. और आज लगता है एक पूरी दुनिया है जो मेरी अपनी है. छुट्टियां हैं, फमिली के साथ शिमला और मनाली जारही हूँ , लेकिन पता नही क्यों खुशी के साथ एक अजीब सा दुःख भी शामिल हो गया है, इतने दिनों तक अपने दोस्तों से दूर रहने का. इतनी जल्दी आप सब मेरी जिंदगी का इतना खूबसूरत हिस्सा बन जायेंगे , कभी सोचा भी नही था, अब जारही हूँ तो अपनी इस दुनिया के लोगों को बताना भी ज़रूरी था सो सारी मसरूफियत के बीच बस ये चंद लाईनें लिख रही हूँ. मुझे उम्मीद है आप सभी अपना पूरा ख्याल रखेंगे और मेरा इंतज़ार भी.... एक छोटी सी खुशी आप सभी से बांटना चाहती हूँ. इस महीने की सखी मग्जीन में मेरी एक कहानी 'ठहरी शाम की थकन' प्रकाशित हुयी है. ये नेट पर भी उपलब्ध है. इस मग्जीन का लिंक है..http://in.jagran.yahoo.com/sakhi/ और कहानी का लिंक पेज है-http://in.jagran.yahoo.com/sakhi/?page=article&articleid=4343&category=5&edition=२००८०६ उम्मीद यही है की आप सब इसे पढ़ कर मुझे ज़रूर बताएँगे की मेरी कहानी कैसी लगी...आप का हौसला ही मेरे लिए सब कुछ है. प्लीज़ अपना ख्याल रखियेगा और इसी तरह अच्छा बहुत अच्छा लिखते रहिएगा. वापसी पर आप सब की बहुत सारी पोस्ट पढने को मिले...
मेरी बहुत सारी दुआएं आप सभी के साथ है. आमीन.

19 comments:

कुश एक खूबसूरत ख्याल said...

आपकी यात्रा मंगलमय हो.. वापस आकर अपने चिर परिचित अंदाज़ में अर्तार्थ उर्दू शब्दावली से हमे यात्रा वृतांत सुनाईएगा..

Sanjeet Tripathi said...

आपकी यात्रा मंगलमय हो, शुभकामनाएं!

Sandeep Singh said...

काश शाहजेब भी भविष्य से बेफिक्र होकर वर्तमान में जीना सीख लेता....लेकिन जिस शाहजेब ने अपनी मां और तमाम बहनों की खुशियां संवारी उसके बारे कोई भी राय बनाने से पहले बहुत बार सोचना होगा। उम्मीद छुट्टियों के बाद अच्छा यात्रा वृतांत पढ़ने को मिलेगा।

DR.ANURAG ARYA said...

एक कैमरा ओर डाल लो अपने बैग मे...ओर कुछ खाली कागज.....समझी मोहतरमा....इंतजार रहेगा.....उम्मीद है आपकी vacaation शानदार गुजरे.....

Lovely kumari said...

achhi kahani likhi tumne...jaldi lout ke aana.main intizar karungi.

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

छुटिटयों के बाद आने वाले अफसाने का इंतजार रहेगा।

Manish said...

शिमला और मनाली करीब नौ साल पहले गया था और मनाली बेहद खूबसूरत लगा था। आशा है वहाँ के चित्रों के साथ आप वापस लौटेंगी। सखी में कहानी छपने के लिए बधाई !

Beji said...

जाओ भागो खेलो कूदो मस्ती कर के वापस आओ...

:))

दिनेशराय द्विवेदी said...

जल्दी लौट कर आइएगा। आप की गैर हाजरी बहुत खलेगी। कहानी पढ़ता हूँ।

बाल किशन said...

जल्दी लौट कर आइएगा। आप की गैर हाजरी बहुत खलेगी।
आपकी यात्रा मंगलमय हो, शुभकामनाएं!

और हाँ डाक्टर साब की बात पर ध्यान दीजयेगा जरुर.

mehek said...

happy tour,and have lots of fun,kahani chapne ke liye bahut badhai,aapki vapasi ka intazaar rahega:)

दीपान्शु गोयल said...

यात्रा मंगलमय हो । यात्रा के बारे मे लिखियेगा जरुर।

भुवनेश शर्मा said...

कहानी अच्‍छी लगी....ऐसे ही लिखते रहिए और हमें पढ़वाते रहिए.

हैप्‍पी जर्नी....

राकेश जैन said...

apki yatra ke lie shubh kamnayen...aap ka chintan wahan bhi yun hi sajeev rahe aur apke ird-gird internet uplabdh hota rahe, take apki yatra ke darmyan bhi sahitya mitra sath reh sake..vaise apne ye nahi bataya ki apki yatra kitne dinon ki hai//

mahendra mishra said...

आपकी यात्रा मंगलमय हो...

sanjay patel said...

एक मशवरा....
पहाड़ों पर जा रहीं है तो भगवान के लिये
काग़ज़ क़लम साथ मत ले जाइयेगा....इससे क़ुदरत के नज़ारों को निहारने में ख़लल पड़ता है और परिवार भी सोचता है कि यहाँ भी...
सलामत लौटियेगा; आँखों और ज़हन में क़ैद तस्वीरों को क़लमबध्द कीजियेगा.अल्ला हाफ़िज़ !

Udan Tashtari said...

आपकी यात्रा मंगलमय हो, शुभकामनाएं!

कहानी आज शाम को पढ़ेंगे.

उन्मुक्त said...

कहानी तो नहीं पढ़ पाये। या लिंक काम नहीं कर रहा है या फिर मेरे अन्तरजाल का कनेक्शन।
लौट कर लिखियेगा कि कैसी यात्रा रही।

pallavi trivedi said...

happy journey....will read ur story today.